सांसद कीर्ति आज़ाद ने LNMU में त्रि-वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में सेमेस्टर सिस्टम लागू न होने पर आश्चर्य व्यक्त किया

दरभंगा सांसद कीर्ति आज़ाद ने त्रि-वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में सेमेस्टर सिस्टम लागू न होने पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय समेत बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में इसे लागू करने की मांग कुलाधिपति सह राज्यपाल से की है।सांसद ने मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा सत्र नियमित करने के लिए किए गए सार्थक प्रयास करने के लिए उनकी प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। उन्हें कहा कि सत्र विलंब होने से इस क्षेत्र के छात्र एवं अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जिस कारण प्रतियोगी परीक्षाओं अथवा व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकन कारण साल भर का समय व्यर्थ गंवाते थे। श्री आजाद ने कहां पी0जी में सेमेस्टर सिस्टम लागू है, लेकिन स्नातक में यह लागू नहीं होने से इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है दिल्ली विश्वविद्यालय समेत देश के अधिकांश विश्वविद्यालयों में स्नातक में सेमेस्टर सिस्टम वर्षों से लागू है। इसमें पाठ्यक्रम में समरूपता है और छात्रों को उसका लाभ मिल रहा है। सांसद श्री आजाद ने कहा कि पाठ्यक्रम के निर्धारण में यूपी0एस0सी और बी0पी0एस0सी के पाठ्यक्रमों को ध्यान में रखा जाना चाहिए था। लेकिन मिथिला विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम निर्धारण में इन बातों को ध्यान नहीं रखा जाना दुखद है। इससे छात्रों को दोहरी तैयारी करनी पड़ती है। पटना विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम निर्धारण में इन बातों को ध्यान में रखा जाता है।
सांसद श्री आज़ाद ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में संबंद्ध महाविद्यालय के शिक्षकों को शामिल नहीं करने के निर्णय से असहमति जताते हुए कुलाधिपति से इस पर पूर्णर्विचार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह सभी शिक्षक भी योग्य एवं यू0जी0सी के मापदंड के अनुकूल उनकी अर्हता है। दुर्भाग्य है कि वित्त रहित शिक्षा बिहार के लिए कलंक है। सरकार के स्तर पर कॉलेजों की स्थापना नहीं की जाती है।

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