ब्रम्होत्तरा गांव में चोर गिरोह का हिंसक तांडव जारी, सुशासन बाबू के प्रशासन को परवाह ही नहीं!

मधुबनी. सुशासन बाबू के राज में अपराधी की ही नहीं चोरों के हौसले भी बुलंद हैं. चोर बेखौफ होकर चोरी की वारदात को अंजाम रहे हैं. ऐसा ही कुछ मामला मधुबनी के पंडौल प्रखंड क्षेत्र के ब्रम्होत्तरा गांव में देखने को मिल रहा है.  ब्रम्होत्तरा गांव में दिन-प्रतिदिन हो रही चोरियों और लोगों पर हो रहे हमले से गांव की जनता डर और खौफ की जिंदगी जी रही है, और प्रशासन चैन की नींद सो रहे हैं. ऐसा लगता है जैसे पुलिस प्रशासन ने चोर गिरोह के सामने घुटने टेक दिया है. इन्हीं के उदासीनता के कारण आज 95 वर्ष के वृद्ध 60 टांकों के सहारे पीड़ादायक जिंदगी जी रहे हैं तो कोई आईसीयू के सहारे. यानी चोर गिरोह का हिंसक ताडंव जारी है…
गांव की बिगड़ते हालात को देखते हुए लोक समता पार्टी के युवा नेता रामचंद्र झा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताय कि, पिछले एक साल के दौरान लगभग एक दर्जन से ज्यादा छोटे- बड़े चोरी और डकैती की घटनाएं हो चुकी है. ग्रामीण परेशान हैं. और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है. सबसे पहले साल 2016 के जून के महीने में शशि शेखर ठाकुर एवं चंद्रशेखर ठाकुर के यहां भीषण चोरी हुई ,थाने में इसकी लिखित सूचना दी गई.
उसके बाद राम शंकर ठाकुर के यहां नवम्बर में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया. जहां से चोरों ने लगभग 12 तौला सोने का चोरी उनके यहां से की.  इस वारदात को अंजाम उस वक्त दिया गया था जब घर के पुरूष वर्ग शादी से जुड़े एक रिवाज फलदान के रश्म को निभाने सहरसा गए हुए थे. यानी समय एवं घर का चयन  कहीं न कहीं चोरों के शतिरदारी एवं इनफार्मेशन कलेक्शन की सजगता को दर्शाता है.
दिसंबर महीने में मधु ठाकुर जी के घर पर चोरों ने धावा बोला एवं चोरी की घटना को अंजाम दिया एवं गृह स्वामी जो की एक वृद्ध व्यक्ति थे उनको बुरी तरह पीटा बाद में उन्हें ICU में भर्ती करना पड़ा. प्रशासन ने न तो कोई ठोस कदम उठाया और न हीं किसी प्रकार की कोई गिरफ़्तारी हुई. जिसके कारण चोरों का हौसला बढ़ता ही चला गया.
चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि जिस शशि शेखर ठाकुर के घर में 2016 में चोरी किया था. उसी के घर में पुन: धावा बोलकर लूटपाट करने के साथ-साथ 95 वर्षीय वृद्ध ठाकुर को निर्दयतापूर्ण पीटा भी. फिलहाल ठाकुर जी 60 टांके के साथ बिस्तर पकड़े हुए हैं. इतना ही नहीं, प्रशासन के उदासीनता के चलते चोरों ने अगले सप्ताह गांव के ही श्याम चंद्र झा, जो कि पूर्व में बैंक अधिकारी थे के यहां भीषण चोरी की घटना को अंजाम दिया.
चोरों का हौसला इतना बुलंद था कि लगभग 1 दर्जन चोर बिना मुँह ढ़के ही आये थे ..और चोरी एवं लूटपाट के घटना को अंजाम देकर चलते बने. तकरीबन एक साल से गांव में चोरी-डकैती की घटनाएं हो रही हैं पुलिस को इसकी शिकायत भी की गई. मगर उनके ढुलमुल रवैये के कारण स्थिति जस के तस बनी हुई है. अभी तक इस मामले में एक भी गिरफ़्तारी नहीं हो सकी है. और उलटे वहां के थाना प्रभारी गांव के लोगों के मत्थे ही जिम्मा डालने पर तुले हुए हैं. ऐसी हालात में आखिरकार करे तो क्या करे. प्रशासन के नाकामयाबी को अपना हथियार बना चुके चोर गिराेह से गांववाले को निजात कौन दिलायेगा?
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