कड़ाके की ठंढ़ में अलाव ही बड़ा सहारा ठंढ़ से किसानों में खुशी, बाजार विरान

न्यूज़ डेस्क।
दरभंगा,27 दिसम्बर।

कड़ाके की ठंढ़ से जहां जन-जीवन प्रभावित हुई है। वहीं किसानों में ठंढ़ को लेकर खुशी है, लेकिन बाजारों की रौनह गायब होने लगी है। शाम 4 बजे के बाद से ही बाजार में विरानी छाने लगी। वैसे दिन भर लोग अलाव के सहारे ही अपनी दिनचर्या में लगे रहे। वैसे सरकारी स्तर पर अभी तक शहरी क्षेत्र में भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। प्रशासन तापमान में और गिरावट का इंतजार कर रहा है। वैसे लोगों का कहना है कि इस वर्ष में सबसे अधिक ठंढ़ आज महसूस की गई है।

पिछले रात से ही पछिया हवा के कारण ठंढ़ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ठंढ़ का सबसे अधिक असर बुजुर्ग और छोटे बच्चों पर हो रहा है। इतना ही नहीं अब डायरिया और तेज बुखार भी ठंढ़ के कारण अपने पांव पसारने लगा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो शहर से अधिक ठंढ़ गांव में महसूस की जा रही है। फिर भी किसानों में ठंढ़ को लेकर खुशी है। चूंकि ठंढ़ नहीं पड़ने और धूप तेज निकलने के कारण रबी की फसल प्रभावित हो रही थी। क्योंकि रबी फसल के लिए ठंढ़ और कुहासा वरदान साबित होता है। वैसे कुहासा का असर अब तक नहीं देखा गया है, लेकिन ठंढ़ ने आज अपनी मौजूदगी जबरदस्त ढंग से दर्ज करायी है। पहले दिन के ठंढ़ ने ही चाय की बिक्री बढ़ा दी है। मंगलवार का दिन रहते हुए भी अंडा का बिक्री में तेजी देखी गई। कुल मिलाकर कहे, तो ठंढ़ को लेकर कहीं खुशी-कहीं गम का नजारा दिख रहा है।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *