फ़िल्म जगत: जाने, फ़िल्म पद्मावती के बाद किस फ़िल्म का हो रहा है घोर विरोध

सोमू कर्ण।
मुंबई,01 दिसम्बर।

फ़िल्म जगत की बात करें तो आजकल यू हो रहा है कि फ़िल्म रिलीज होने से पहले ही वो विवादों के हत्थे चढ़ जाता है। चाहे वो आमीर खान की फ़िल्म पीके हो या फिर साल 2017 के शुरू में रिलीज हुई लिपिस्टिक अंडर माय बुरखा ही हो। अभी हाल में चल रही फिल्म ‘पद्मावती’ के विवाद के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता अमित गोस्वामी ने घोषणा की जो भी ‘गेम्स आफ अयोध्या’ फिल्म के निर्माता के हाथ काटकर लायेगा उसे एक लाख रूपये का इनाम दिया जायेगा।

गोस्वामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस फिल्म में बाबरी ढ़ांचे विध्वंस के इतिहास से छेड़छाड़ की गयी है जिससे हिन्दू समाज की भावनाओं को काफी ठेस पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी खबरें मिली है कि फिल्म में दिखाया गया है कि विवादास्पद ढांचा गिराने के बाद कारसेवक रामलला की मूर्ति रख रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत है। रामलला की मूर्ति पहले से ही रखी थी। इसके अलावा फिल्म में दिखाया गया है कि भारतीय जनता पार्टी नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी कारसेवकों को विवादित ढांचा गिराने के लिये उकसाने के लिये जिम्मेदार है, जबकि सत्यता यह है कि यह नेता भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे। गोस्वामी ने कहा कि अगर फिल्म को प्रदर्शित करने की इजाजत दी जाती है तो जो लोग इस फिल्म को देखने जायेंगे, वह इसके लिए खुद जिम्मेदार होंगे और सिनेमा हाल के मालिक भी इस फिल्म को अपने खतरे पर थियेटर में रिलीज करें।

फिल्म निर्माता सुनील सिंह राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व विधान परिषद सदस्य है और अलीगढ़ में रहते है। इस बीच, हिंदू जागरण मंच युवा वाहिनी के प्रदेश मंत्री संजू बजाज ने एक अलग बयान में कहा कि उनका संगठन शहर में मोरिस रोड स्थित सुनील सिंह के घर को सील कर देगा।

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