चीन और पाकिस्तान के इस संबंध से भारत को होने वाला है फायदा

सोमू कर्ण की रिपोर्ट

दिल्ली,27 नवंबर।

भारत के लिए एक अच्छा अवसर होने की संभावना बन रही है, जी हां क्योंकि एक तरफ जहां चीन पाकिस्तान को ठगी का पाठ पढाकर खुद हीं उसे ठग रहा है, वहीं दुसरी तरफ भारत को अक्रामक होने का समय आ गया है।चीन और पाकिस्तान की दोस्ती दिन-ब-दिन मजबूत होती जा रही है। पाकिस्तान इस बात को समझ नहीं पा रहा है कि चीन उसे बेवकूफ बनाकर धीरे धीरे उसकी भूमि और उसके संसाधनों को हड़प रहा है। आज की तारीख में चीन और पाकिस्तान दोनों एक दूसरे को ‘ऑल वेदर फ्रेंड्स’ बता रहे हैं या हर परिस्थिति में दोस्ती कायम रखने का दावा कर रहे हैं। वे एक दूसरे को फौलाद की तरह मजबूत भाई कह रहे हैं। चीन कह रहा है कि जैसे मुंह में, होठ और दांत के संबंध हैं उसी तरह चीन और पाकिस्तान के रिश्ते हैं। पाकिस्तान को बेवकूफ बनाने के लिए चीन के नेता कह रहे हैं कि यह दोस्ती हिमालय से भी ऊंची और गहरे से गहरे समुद्र की गहराई से भी गहरी है तथा शहद से भी अधिक मीठी है।

अपना पूंछ सीधा कर रही है चीन
पाकिस्तान से दोस्ती मजबूत करने के लिए चीन ने कहा था कि जब तक पाकिस्तान में बुनियादी ढांचा मजबूत नहीं होगा तब तक सही अर्थो में उसका विकास नहीं होगा और वह पड़ोसी देशों से मुकाबला नहीं कर पाएगा। इसके लिए पाकिस्तान के अनुरोध पर चीन ने पाकिस्तान को शुरू में 46 अरब डॉलर का अनुदान और कम ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराया था। उसके तुरंत बाद 2015 में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग पाकिस्तान गए थे जहां उनका भव्य तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान शी ने चीन और पाकिस्तान के ‘आर्थिक गलियारे’ (सीपीइसी) का उद्घाटन किया था। उस दौरे में उन्होंने पाकिस्तान को मामूली ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए 62 अरब डॉलर का कर्ज दिया था।पाकिस्तान ने बार बार चीन से कहा था कि उसके देश का आर्थिक विकास बाधित इसलिए हो गया है कि उसे बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही है। इस कमी को दूर करने के लिए चीन ने सस्ती ब्याज दरों पर यह कर्ज पाकिस्तान को दिया है। चीनी नेताओं ने पाकिस्तानी नेताओं को समझाया है कि केवल बिजली की आपूर्ति ठीक ठाक होने से देश का विकास नहीं होगा। इसके लिए जरूरी है कि पाकिस्तान में सड़कों का जाल बिछाया जाए। रेलों की स्थिति मजबूत की जाए। बड़े बड़े डैम बनाए जाएं और उद्योगों की तरक्की के लिए बड़े बड़े औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाएं। कृषि पर भी भरपूर ध्यान दिया जाए। उसकी उन्नति के लिए पाकिस्तानी जनता जी जान से प्रयास करे। अनाज रखने के लिए बड़े बड़े माल गोदाम बनाए जाएं और इसी क्रम में चीन ने पाकिस्तान से समझौता करके ‘गवादर’ में एक बड़ी सी समुद्री बंदरगाह बनाना शुरू किया है।

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